Monday, November 19, 2018
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मोर्चा संचालकों में नहीं है कोई फूट, अन्य पदाधिकारी न जारी करें गैर जिम्मेदाराना बयान: विकास राजपूत

vikas singh rajpur

रायपुर। कल होने वाली हाई पावर कमेटी की बैठक से ठीक पहले जिस प्रकार से मोर्चा जुड़े संगठनों के दूसरी पंक्ति के नेताओं ने बयानबाजी शुरू की है और जिससे मोर्चा के घटक दलों में फूट पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही थी उस पर विराम लगाते हुए मोर्चा के प्रदेश संचालक और नवीन शिक्षाकर्मी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास राजपूत ने कहा है कि

” मोर्चा के संचालकों ने राजस्थान मॉडल का अध्ययन कर उसके साथ-साथ अन्य कई प्रदेशों के मॉडल को हाई पावर कमेटी को सौंपा है और अलग-अलग राज्यों में शिक्षाकर्मियों के हित में अलग-अलग मामलों में जो-जो बेहतर निर्णय लिए गए हैं हाई पावर कमेटी से उन्हें छत्तीसगढ़ में अपनाकर यहां के शिक्षाकर्मियों के हित में एक बेहतर मॉडल तैयार करने की अपील की गई थी जिससे प्रदेश के सभी शिक्षाकर्मियों को लाभ होगा।”

उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान मॉडल के साथ-साथ 157 पेज के दस्तावेज में कई अन्य राज्यों के मॉडल सौपें गए हैं ताकि उनमें से बेहतर निर्णयों को चुनकर यहां पर नीति तैयार की जा सके और इसे लेकर विवाद खड़ा करना पूरी तरह अनुचित है ।

इसी मुद्दे पर जब भास्कर वर्ल्ड ने विकास राजपूत से यह सवाल पूछा कि यदि मोर्चा संचालकों की इस पर सहमति है और उनके हस्ताक्षर से दस्तावेज सौपे गए हैं तो फिर मोर्चा के उपसंचालक धर्मेश शर्मा ने राजस्थान मॉडल पर आपत्ति क्यों लगाई है तो इस पर उनका कहना है की

” मोर्चा की तरफ से महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बयान देने के लिए मोर्चा संचालक अधिकृत है और उन्हें नहीं लगता की धर्मेश शर्मा ने बयान जारी करने से पहले मोर्चा के प्रदेश संचालक वीरेंद्र दुबे जी से बात की है इसलिए इसे मोर्चा का अधिकृत बयान ना माना जाए हम सब ने जिम्मेदारी के साथ अलग-अलग प्रदेशों के मॉडल को सौंपा है और इस पर हम पांचों संचालक के बीच में कोई भी असहमति नहीं है अन्य किसी भी पदाधिकारी के बातों को कोई तवज्जो ना दिया जाए यदि कोई बयान जारी करना होगा तो मोर्चा संचालक स्वंय करेंगे।

गौरतलब है कि पूर्व में जब नवीन शिक्षाकर्मी संघ के जिलाध्यक्ष गंगा पासी ने भी मुंडन का एलान किया था तब भी विकास राजपूत ने ही सामने आकर मामले को संभाला था और कहा था कि मुंडन का निर्णय मोर्चा संयुक्त रुप से लेगा और यदि कोई संगठन विशेष ऐसे किसी निष्कर्ष पर पहुंच रहा है तो इसमें मोर्चा की सहभागिता नहीं है और इसे मोर्चा से अलग रखा जाए जिसके बाद गंगा पासी ने भी इसी बयान को दोहराते हुए अपने मुंडन के कार्यक्रम को टाल दिया था एक बार फिर विकास राजपूत ने सामने आकर अन्य पदाधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना बयान को गलत बताया है और इस पर विराम लगाने की बात कही है अब देखना होगा कि इसका कितना असर होता है ।

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