Sunday, December 16, 2018
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मीडिया मनोरंजन के साथ ही मानवीय मूल्यों को जागृत करने में योगदान दे: ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी

रायपुर, 4 दिसंबर 2018 परम श्रद्देय ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाई जी की तीसरी पुण्यतिथि पर मीडिया संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया गया। सामाजिक बदलाव में मीडिया की भूमिका विषय पर रायपुर के विधानसभा मार्ग सड्डू स्थित शांति सरोवर में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में माउण्ट आबू से प्रकाशित ज्ञानामृत की सह सम्पादिका ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विवि के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. कमल दीक्षित, केटीयू के कुलपति प्रो. मानसिंह परमार, IBC24 न्यूज चैनल के एडिटर इन चीफ रविकांत मित्तल, दैनिक भास्कर के संपादक शिव दुबे समेत राजधानी की तमाम पत्रकारिता जगत के हस्तियां मौजूद रहे।

माउण्ट आबू से प्रकाशित ज्ञानामृत की सह सम्पादिका ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी ने कहा कि समाज में मीडिया का बहुत प्रभाव है। मीडिया द्वारा प्रसारित बातों का हमारे मन पर गहरा असर होता है। इसी से व्यक्तित्व का निर्माण होता है और समाज को भी दिशा मिलती है। आज समय की मांग है कि मीडिया ऐसी सामग्री दे जो मानवीय मूल्यों को जागृत करे। तब ही समाज में बदलाव आएगा। ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी आज शान्ति सरोवर में ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाई की तीसरी पुण्य तिथि के अवसर पर आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में बोल रही थीं। चर्चा का विषय था सामाजिक बदलाव में मीडिया की भूमिका।

उन्होंने आगे कहा कि मीडिया दुव्र्यसनों से होने वाली बुराइयों को उजागर कर लोगों को उससे दूर रहने के लिए प्रेरित कर सकता है। समाज में उँचे पदों पर बैठे लोग भी निराश और हताश होकर नशे का सहारा लेने लगते हैं। अत: लोगों को व्यसनों से दूर रहने के लिए सचेत करने की आवश्यकता है।

कुशाभाउ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मानसिंह परमार ने ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाईजी को श्रद्घाजंलि देते हुए कहा कि उन्होंने मूल्यनिष्ठ मीडिया के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने आगे बतलाया कि नैतिक मूल्यों की पुर्नस्थापना से ही समाज में बदलाव आएगा। पत्रकारिता के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में भी मूल्यों का समावेश होना चाहिए।

माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विवि के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. कमल दीक्षित ने कहा कि मीडिया को वर्तमान सामाजिक जरूरत के अनुरूप अपना एजेण्डा पुन: निर्धारित करने की जरूरत है। यदि लोगों के जीवन में सुख शान्ति नहीं है तो ऐसे विकास का कोई महत्व नहीं है। नैतिक मूल्यों में गिरावट आने से समाज में निराशा और हताशा बढ़ रही है। आज मीडिया में अस्सी प्रतिशत सामग्री राजनीतिक समाचारों पर केन्द्रित होती हैं। शेष बाजार से प्रभावित सामग्री होती है। अब उसे आम आदमी से जुड़ी सामग्री देने के बारे में सोचना चाहिए।

दैनिक भास्कर के संपादक शिव दुबे ने कहा कि मीडिया और समाज एक दूसरे के पूरक हैं। समाज में बदलाव आता है तो मीडिया में भी परिवर्तन आता है। इसीलिए समाज में जो नकारात्मक बातें आ रही हैं उसे ही मीडिया अपने ढंग से दिखाता है। इन सबसे अलग जिन्होंने अपने विचार समाज में लादने की कोशिश की वह आज परिदृश्य से गायब हो गए हैं। इसलिए जैसे जैसे समाज में बदलाव आएगा वैसे वैसे मीडिया में भी परिवर्तन आएगा।

वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैय्यर ने कहा कि मीडिया के क्षेत्र में व्यवसायियों के आ जाने से पेन तो पत्रकारों का है लेकिन स्याही मालिक की हो गई है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति इलेक्ट्रानिक मीडिया की है। वह अपना ज्यादा समय विवादों में चर्चा पर लगाने की बजाए समाज की विसंगतियों को उठाने पर दे तो अच्छा होगा।

आकाशवाणी के समाचार सम्पादक विकल्प शुक्ला ने कहा कि मीडिया को समाज का दर्पण कहा जाता है लेकिन क्या आज मीडिया समाज का सही बिम्ब दिखाने में सक्षम सिद्घ हो रहा है? बाजारवाद और पूंजीवाद के प्रभाव में आकर हम आज समाज से दूर हो गए हैं। समाज को उठाना भी मीडिया की जिम्मेदारी होती है।

आई.बी.सी.24 न्यूज चैनल के संपादक रविकान्त मित्तल ने कहा कि वर्तमान मीडिया सिर्फ मनोरंजन और ग्लैमर तक सिमट कर रह गया है। इसी कारण उद्देश्य से दूर हो गए हैं। मीडिया को अपनी जिम्मेदारी समझकर बैलेन्स बनाकर चलना होगा। फेक न्यूज समाज को गलत दिशा में ले जा रहा है। इसे हमें पहचानना होगा।

प्रेस कौंसिल ऑफ इण्डिया के सदस्य प्रदीप जैन ने कहा कि सामाजिक बदलाव एक सतत् प्रक्रिया है। वर्तमान समय संचार क्रान्ति के युग में एक सेकण्ड में देश-विदेश की खबरों को हम जीवन्त देख लेते हैं। तार्किक और सतत् इन बातों का ध्यान रखकर मीडिया सामग्री को तैयार करें तो समाज की प्रगति में योगदान कर सकते हैं। समारोह में बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों को देखते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के विद्यार्थी अपने तर्कपूर्ण विचारों की सहायता से न्यूज बनाएं।

इस अवसर पर क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने सभी मीडिया कर्मियों का स्वागत करते हुए कहा कि मीडिया समाज का महत्वपूर्ण इकाई है। मीडिया की विश्वसनीयता के कारण उसकी बातों को समाज महत्व देता है। इसलिए उसे सामाजिक परिवर्तन के कार्य में मददगार अवश्य बनना चाहिए।

मीडिया संवाद कार्यक्रम में ग्लिब्स न्यूज पोर्टल की सम्पादिका प्रियंका कौशल, वरिष्ठ पत्रकार मधुकर द्विवेदी, केटीयू में HOD डॉ. नरेन्द्र त्रिपाठी, एमिटि यूनिवर्सिटी रायपुर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आनंद पहाडिया, पायोनियर के सम्पादक गंगेश द्विवेदी, बंसल न्यूज के स्टेट हेड जयप्रकाश पाराशर, क्लीपर टाइम्स 28 के सम्पादक श्याम वेताल, इण्डिया न्यूज के सम्पादक संजय शेखर, मुख्यमंत्री के पीआरओ उमेश मिश्रा, अमृत सन्देश के स्थानीय सम्पादक संजीव वर्मा, हिन्दी ग्रन्थ अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, रवि भोई, भाग्योत्कर्ष के सम्पादक आशुतोष मिश्रा, मितान एक्सप्रेस के सम्पादक के. वी. टी. श्रीधर राव, नव प्रदेश के सम्पादक यशवन्त धोटे आदि ने भाग लिया।

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