Monday, November 19, 2018
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24 वर्षीय चार्टर्ड एकाउंटेंट ने छोड़ी करोड़ों की संपत्ति, अब बनेंगे जैन भिक्षु

-MoksheshSheth

अहमदाबाद। मुंबई के एक कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखने वाले 24 वर्षीय चाटर्ट एकाउंटेंट (सीए) ने अपनी करोड़ों की संपत्ति को त्यागने का फैसला किया है। सीए मोक्षेश सेठ एक जैन परिवार से ताल्लुक रखते हैं और अब उन्होंने जैन भिक्षु बनने का फैसला किया है। मोक्षेश का परिवार जेके कॉरपोरेशन का मालिक है जो डायमंड, धातु और सुगर उद्योग में सक्रिय है। मोक्षेश शुक्रवार को गांधीनगर-अहमदाबाद रोड पर स्थित तपोवन सर्कल में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान जैन भिक्षु के रूप में दीक्षा लेंगे।

शानदार एकैडमिक रिकॉर्ड वाले मोक्षेश का कहना है कि अकाउंट की किताबों की जगह वह अब एक विनम्र छात्र के रूप में धर्म को ‘ऑडिट’ करना चाहते हैं। अपने लिए खुशी तलाश करने के बजाय वह सबके लिए खुशी चाहते हैं। मोक्षेश ने बताया, ‘जब मैं 15 साल का था तो, तब मेरे दिमाग में जैन भिक्षु बनने का ख्याल आया मैं मन की शांति चाहता था जो इस भौतिकतावदा संसार में उपलब्ध नहीं है।’ मोक्षेश का परिवार मुख्यत: उत्तरी गुजरात के देसा से ताल्लुक रखता है और पिछले 60 साल से यह परिवार मुंबई में में रह रहा है।

मोक्षेश के पिता संदीप और चाचा गिरीश सेठ अभी भी संयुक्त परिवार के साथ मुंबई में रहते हैं। मोक्षेश तीन भाईयों में सबसे बड़े हैं और उन्होंने वाल्केश्वर स्थित मानव मंदिर स्कूल से दसवीं क्लास में 93.38 प्रतिशतऔर 12वीं में 85 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। सांगली में परिवार का मेटल बिजनेस संभालने से पहले मोक्षेश ने एचआर कॉलेज से कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया।

मोक्षेश के चाचा गिरीश सेठ बताते हैं, ‘मोक्षेश हमेशा से ही धार्मिक प्रवृत्ति का रहा है और 8 साल पहले उसने भिक्षु बनने की इच्छा जाहिर की थी। तब हमने उससे पढ़ाई पूरी करने की गुजारिश की और पहले संसार का अनुभव लेने को कहा। हमारे परिवार के 200 साल के इतिहास में मोक्षेश जैन भिक्षु बनने वाला पहला शख्स होगा हालांकि पांच महिलाएं भी जैन साध्वी बन चुकी हैं।’ मोक्षेश को जनवरी में जैन भिक्षु बनने की अनुमति उनके 85 वर्षीय दादा ने दे दी थी।

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