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Bharat Bandh: कर्मचारी यूनियनों का बंद आज, जानिए- क्या है मांग

नई दिल्ली, एजेंसी। सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए कई कर्मचारी यूनियनों ने बुधवार को देशव्यापी बंद बुलाया है। इस हड़ताल में कई बैंक यूनियन भी शामिल होने वाली हैं। इससे बैंकिंग, यातायात और अन्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है। कई बैंकों ने पहले ही शेयर बाजारों को इस बंद और इससे बैंकिंग सेवाओं पर पड़ने वाले असर के बारे में अवगत करा दिया है। बंद के दौरान डिपॉजिट, विड्रॉल और चेक क्लियरेंस जैसे कार्य प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि निजी बैंकों के कामकाज पर ज्यादा असर पड़ने का अनुमान नहीं है।

क्या है मांग ट्रेड यूनियनों की?

बता दें कि जिन ट्रेड यूनियन द्वारा भारत बंद बुलाया गया है, उनका कहना है कि केंद्र की तरफ से आर्थिक और जन विरोधी नीतियों को लागू किया जा रहा है। वहीं, सरकार द्वारा लाए जा रहे लेबर लॉ का भी विरोध हो रहा है। इसके अलावा स्टूडेंट यूनियन की तरफ से शिक्षण संस्थानों में फीस बढ़ाने का विरोध। यूनियन का मानना है कि केंद्र को कर्मचारियों से पहले इन सब मुद्दों पर बात करनी चाहिए, फिर नीतियों को आगे बनाना चाहिए।

वहीं, तन्ख्वाह बढ़ाने की भी मांग है, जिसे लंबे समय से रखा जा रहा है। यूनियन की मांग है कि यूनियन मजदूरों की न्यूनतम तन्ख्वाह 21 हजार रुपये प्रति माह होनी चाहिए। मांग है कि आम लोगों की जरूरत वाली चीजों के बढ़ते दाम को काबू करा जाए। पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम, बेरोजगारी, महंगाई पर काबू पाने के लिए नीति बनाई जाए।

इसके अलावा- सोशल हेल्थ सर्विस में खुद को शामिल करना, मजदूरों को मिड डे मील मिलना, 6000 रुपये की न्यूनतम पेंशन, पब्लिक सेक्टर बैंक के मर्जर का विरोध शामिल है। बता दें कि ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन, बीईएफआइ, आइएनबीओसी और बैंक कर्मचारी सेना महासंघ जैसे बैंक कर्मचारी संगठनों ने इस बंद में हिस्सा लेने की बात कही है।हालांकि, केंद्र सरकार ने सभी पीएसयू को निर्देश दिया था कि वे अपने कर्मचारियों को ‘भारत बंद’ में जाने से रोकें। बंद में किसी भी रूप में हिस्सा लेने वाले कर्मचारियों को दंडित किया जा सकता है। अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत वेतन में कटौती भी की जा सकती है। पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्य सरकारों ने भी अपने कर्मचारियों को इस बंद से दूर रहने को कहा है।

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